राजस्थान एसआईईआरटी ने पुस्‍तकों में बदलाव कर पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया है.

परिवर्तन के अनुसार अब मुगल सम्राट महान नहीं रहे. उनके नाम के आगे से महान शब्‍इ हटा लिया गया है.

अब नए सत्र से कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को नए पाठ्यक्रम में देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, महर्षि, पर्यावरणविद, गणितज्ञ और शल्य चिकित्सक की जीवनी और उनके योगदान के बारे में पढ़ाया जाएगा. औरंगजेब जैसे मुगल शासकों के नाम के आगे अब मुगल सम्राट, बादशाह या फिर नबाव नहीं लगेगा. महान शब्द सिर्फ देश के वीरों, शहीदों और महापुरुषों के नाम के साथ ही लगेगा.

भाजपा सरकार ने पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रम को बदलते हुए अब आठवीं कक्षा से भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता और उनका परिचय हटा दिया है. कक्षा-8 में सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के इतिहास भाग में हमारे गौरव नाम से नया चैप्टर जोड़ा है. इसमें चन्दबरदाई की वीरता, ब्रह्मगुप्त और श्रीनिवास रामानुजन को महान गणितज्ञ, महर्षि सुश्रुत की जीवनियां हैं. महाकवि माघ, सूत्रधार मंडन, चक्रपाणि मिश्र , सारंगधर और महर्षि पाराशर के बारे में बताया गया है. इसके अलावा नई पुस्तक में अंग्रेजों के अर्थव्यवस्था पर शोषण, मालगुजारी, औद्योगिकरण विरुद्ध नीति, मुक्त व्यापार नीति पढ़ाई जाएगी.

कक्षा 6 व 7 में प्रसिद्ध कैलादेवी, करणीमाता, कोणार्क सूर्य मंदिर, अंगकोर का विष्णु मंदिर, महिषासुर मर्दिनी जैसे कई देवी-देवताओं और प्रमुख सूफी संतों के बारे में पढ़ाया जाएगा. साथ ही प्रत्येक धर्म के एक-एक धर्मगुरु सहित राठौड़-सिसौदिया व शेखावत आदि वंश के बारे में पढ़ाया जाएगा.

साथ ही नई पुस्तकों में आयरिश मूल की एनीबिसेंट का जिक्र जोड़ा गया है, लेकिन जमशेदजी टाटा और यंग बंगाल से प्रसिद्ध क्रांतिकारी हेनरी डिरोजियो की जानकारियां हटा दी गई हैं. ऐसे कई बड़े बदलाव नए पुस्तक में देखने को मिलेंगे. प्रत्येक पुस्तक के हर चैप्टर में कई बदलाव किए और कुछ चैप्टर नए जोड़े गए हैं.

जानकारी के अनुसार एसआईईआरटी ने 36 पुस्तकों पांडुलिपियां तैयार कर ली है और सरकार ने इन्हें प्रिंट करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है. 30 नवम्बर को एसआईईआरटी होने वाली समीक्षा बैठक में पांडुलिपियों पर मुहर लगेगी.

Published in IBN7