माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं । वैसे तो आपके साथ , आपके लिए काम करते हुए कई ऐसे अनुभव हुए जो दिल को छू गए और जिन्हें कभी मैं भूल नहीं सकता । आज आपके जन्मदिन पर उन्ही में से एक अनुभव को साँझा करना चाहूंगा । चुनावी समर अपनी पूरी चरम सीमा पर था । कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की तरफ से बार बार मोदी जी की पिछड़ी जाती और चाय वाले पारिवारिक पृष्ठभूमि पर हमला किया जा रहा था । इसी बीच दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस के अधिविशेन में श्री मणिशंकर अय्यर ने बयान दिया की मोदी कभी प्रधानमंत्री तो नही बन सकते लेकिन अगर वो चाहे तो यहाँ अधिवेशन के बाहर आकर चाय का स्टाल लगा सकते है । जिस समय कांग्रेस का ये बयान आया , मैं अपने पिता जी के मेडिकल चेकअप को लेकर उनके साथ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में था । हमारी एक मित्र शिल्पी तिवारी ने मुझे फ़ोन पर मणि शंकर अय्यर के इस बयान के बारे में बताया और कहा इसपर कुछ करना चाइये । शायद भगवान को भी यही मंजूर था , जिस डॉ के पास पिताजी का चेकअप कराना था संयोगवश वो आये नही, नहीं तो मुझे अस्पताल में ही शाम हो जाती । मैंने रस्ते में ही एक कार्यकर्ता आशीष लूथरा को 200 लोगो की चाय और उसे ले जाने के लिए बड़ी केतली करवाने का इंतजाम करने को कहा और कुछ कार्यकर्ताओ को वहाँ कांग्रेस अधिवेशन में तुरन्त पहुंचने की अपील की । लगभग 3 बजे मैं चाय लेकर और कुछ कार्यकर्ता अमनदीप माथुर, अंकुर ढाका , शिवम् कंडोई , प्रज्ञा राठौर, प्रियंका बगारिया, ऋषभ तिवारी और कुछ अन्य कार्यकर्ता वहां पहुंच गए ।प्लॉन के अंतर्गत हम सब लोगो के जेब में मोदी टी शर्ट्स थी और हाथ में गिलास और चाय की केतली । जब सिक्योरिटी ने हमसे गेट में पूछा आप कोन लोग है तो मैंने जवाब दिया की हम कांग्रेस कार्यकर्ता है और राहुल जी और अन्य नेताओं के लिए चाय लेकर जा रे है । दिल में एक डर भी था की वो हजारो को संख्या में है और हम गिनती में 8-10 । अगर उन्होंने हमारे साथ हिंसा की । जिसका डर था वही हुआ , हमने अंदर पहुँचते ही मोदी जी के चित्र वाली टीशर्ट पहन ली और मोदी चाय- मोदी चाय के नारे लगाने चालू कर दिए । वो चाय वाला प्रोटेस्ट कांग्रेस को कितना भारी पड़ा, ये किसी को बताने की जरुरत नही है । खैर दिल्ली पुलिस ने बीच बचाव किया हमे वहां से सुरक्षित बाहर निकाला । लेकिन तब तक चाय की चिंगारी पूरे देश में फ़ैल चुकी थी । और सब टीवी चैनल्स पर न्यूज़ चल रही थी की मोदी समर्थको ने दिया मणि शंकर अय्यर को मुँह तोड़ जवाब, मणि शंकर अय्यर ने लिया अपना बयान वापिस । उसके साथ साथ ये भी खबर चल रही थी की कांग्रेस के कार्यकर्तायों ने की मोदी समर्थको के साथ हाथापाई । हम अपने मिशन को सफल करके खुश अपने घर पहुंचे । अचानक रात को 10 बजे एक प्राइवेट नंबर से फ़ोन आया और आवाज आई मै मोदी जी का ओएसडी बोल रहा हूँ। साहब ने आपकी खबर देखी और पता करने को कहा कि आपको कही लगी तो नहीं । उस से पहले न कभी मैं मोदी जी से पर्सनली मिला था न कभी बात हुई थी । इसलिए वो कॉल आना मेरे लिए सुखद घटना के साथ अचंभे भरा तो था ही । साथ में एक और नए अनुभव भरा भी था , एक व्यक्ति जो पूरे देश में अपनी चुनाव का प्रचार कर रहा है, वो टीवी पर खबर देखता है और देख कर उसे चिंता होती है मेरा कार्यकर्ता, जो मेरे लिए प्रचार कर रहा है अगर उसे कोई दिक्कत हुई है तो उसका पता करूँ। मोदी जी , मैं तब से युवा मोर्चा में हूँ जब 16 साल का था । मंडल के मंत्री से लेकर युवा मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक रहने का मौका मिला । कई राष्ट्रीय अध्यक्षो के साथ काम करने का मौका मिला । लेकिन इस कद पर जाकर कार्यकर्ता का ध्यान कैसे रखा जाता है ये मैंने आपसे जाना । और क्या कहूँ।  लव यू मोदी जी ।
आपका
तजिंदर बग्गा

( तजिंदर पाल सिंह बग्गा द्वारा लिखित। लेखक मोदी-फायिंग इंडिया कैंपेन के कन्वीनर एवं दा नमो पत्रिका के संपादक हैं )

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