किसी स्थान के प्रति आकर्षण पर्यटन की पहली शर्त है। घरेलू हो या विदेशी, दोनों ही भारत के बदलते परिवेश के प्रति आकर्षित हैं। आंकड़ों से यह बात साफ है कि भारत में पर्यटन और उससे जुड़े रोजगार में पर्याप्त बढ़ोतरी हुई है।

जाहिर है कि इसमें मोदी सरकार की बहुत बड़ी भूमिका है। व्यक्तिगत तौर पर और साथ ही सरकारी नीतियों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

हम इस बात को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं। रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने अभी कुछ सप्ताह पहले ही यह अपील की थी, कि आप लोग हर बार नई जगहों पर घूमने जाएं, इससे कुछ नया सीखने को मिलेगा। साथ ही यह भी अपील की थी कि आप लोग जहां भी जाएं, उसकी फोटो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी शेयर करें। इससे लोगों को उस स्थान की जानकारी मिलेगी।

इसके बिल्कुल अनुरूप परिणाम प्राप्त हुए। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लोग अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। और किसी स्थान विशेष पर जाने के लिए एक दूसरे से प्रेरणा भी प्राप्त कर रहे हैं।

मोदी जी जब सऊदी किंग के पास गए थे, तब केरल की Cherman Juma मस्जिद का प्रतिरूप उन्हें उपहार में दिया था। इस मस्जिद को अरब व्यापारियों के द्वारा 629 AD में बनवाया गया था। इसके बाद बहुत सारे लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि मुहम्मद साहब के लगभग समकालीन इतनी पुरानी मस्जिद भारत में मौजूद है। लोग इसके संबंध में बात करने लगे, और उसे देखने की उत्सुकता भी लोगों में पैदा हुई।

विदेश में मोदी जहां भी जाते हैं, अपने देश की तारीफ करते हैं, साथ ही निवेश के अवसरों का जिक्र करते हैं। उनकी बातों को सुनकर लोग भारत की तरफ आकर्षित होते हैं।

अगर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की बात करें तो पर्यटन मंत्रालय ने अगस्त 2014 में एक ‘Incredible India’ नामक मोबाइल अप्लीकेशन लांच किया था, जिसकी मदद से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को, पंजीकृत टूरिज्म सर्विस प्रोवाइडर्स के बारे में आवश्यक सूचना मिलती है। साथ ही विशेष थीम पर आधारित टूरिस्ट सर्किट्स ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत शुरू किए गए हैं।

टूरिस्ट वीजा की सुविधा अब 150 देशों के नागरिकों को प्रदान की जा रही है, तथा इसका विस्तार किया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक जनवरीमई 2016 के बीच ईटूरिस्ट वीजा से 4,34,927 पर्यटक भारत आये जो कि जनवरीमई 2015 में आये पर्यटकों की संख्या से 293% ज़्यादा थे।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड के नागरिकों के लिए डबल एंट्री ईटूरिस्ट वीजा शुरू करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा भारत सरकार पर्यटन उद्योग के ज़रिये अन्य देशों के साथ अपने पुराने सांस्कृतिक संबंधों को भी नया करने की कोशिशें कर रही है।

सरकार द्वारा प्रोजेक्ट मौसमनाम का एक कार्यक्रम प्रस्तावित है जिसके तहत भारत हिन्द महासागर के 39 देशों के साथ अपने ऐतिहासिक समुद्री, सांस्कृतिक और आर्थिक सम्बन्धों को फिर से ज़िंदा करने की कोशिश करेगा।

अभी हाल ही में कैबिनेट ने एक नई ‘सिविल एविएशन पॉलिसी’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत 1 घंटे के सफर के लिए 2500 रूपए की दर लागू करने की बात की गई है, इसके अलावा जिन एअरपोर्टों का परिचालन बंद है, उसको भी शुरू करने की योजना है।

टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक खबर के अनुसार कुछ प्रतिबंधित स्थलों को भी विदेशी पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है। जिसमें कि सिक्किम, लद्दाख, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड आदि के स्थल शामिल है। क्योंकि यह एक तथ्य है कि ऐसे स्थानों पर प्राकृतिक सौंदर्य भी बहुत है।

इस प्रकार मोदी सरकार टूरिज्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति लाने में सफल रही है। प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर्यटन के क्षेत्र में भी एक ब्रांड साबित हुए हैं, जिसके कारण आज दुनिया के कोनेकोने से लोग भारत भ्रमण के लिए आ रहे हैं।

शशिधर उपाध्याय